मुख्यमंत्री की मीटिंग में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, एक कुर्सी छोड़ मास्क लगाकर बैठे सीएम और अधिकारी

कोरोना वायरस की चेन को तोड़ने के लिए राजधानी भोपाल के लोग गंभीर हो गए हैं। मेडिकल स्टोर, सब्जी और किराना स्टोर पर गोले बना दिए गए हैं, जिसमें खड़े होकर लोग सामान, दवाएं खरीद रहे हैं। मार्किंग गोले में खड़े होकर लोग अपनी बारी का इंतजार भी कर रहे हैं। इधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को रबी की फसल के उपार्जन और लॉक डाउन की वजह से किसानों को हो रही समस्या के संबंध में मंत्रालय में मीटिंग बुलाई तो वहां भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। सभी अधिकारियों के बीच एक मीटर का फासला रखने के लिए एक-एक कुर्सी छोड़कर मास्क लगाकर बैठे। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कोरोना की चुनौती से निपटने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज को दो पत्र लिखे हैं, पहले पत्र में छह बिंदुओं कोरोना महामारी से लड़ने के लिए जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सुझाव दिए हैं और दूसरे में किसानों की समस्याएं उठाईं हैं। 


वहीं, भोपाल कलेक्टर तरुण पिथौड़े और डीआईजी इरशाद वली ने लोगों से अपील की है कि लोग खाने-पीने की चीजों को लेकर भीड़ न लगाएं, इन चीजों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। जब आपको जरूरत हो, तब जाकर ले सकते हैं। इस दौरान सभी से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील की जा रही है, जिससे आप और आपका परिवार सुरक्षित रहे। कलेक्टर ने कहा कि भोपाल में अब तक सिर्फ दो ही कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इधर, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कोरोना की चुनौती से निपटने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने छह बिंदुओं पर महामारी से बचाव के लिए सुझाव दिए हैं। उन्होंने आग्रह किया है कि चिकित्सा सुविधाएं होने से ही हम कोरोनावायरस से बचाव के योग्य बनेंगे और सब सुरक्षित हो पाएंगे।